Romantic shayari on love -: शायरी का इतिहास सदियों पुराना है। भारत में हिंदी और उर्दू शायरी ने लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया है। पुराने समय में कवि और शायर अपने प्रेम, संघर्ष, अनुभव और समाज की सच्चाइयों को शेरों और ग़ज़लों के माध्यम से व्यक्त करते थे। यही परंपरा आज भी जारी है।
-) चांद भीं आख़िर कब तक ख़ूबसूरत रहता ,
लोगों ने अपने महबूब को इस से आंकना क्या चालू किया ।।
चाँद ने अपनी ख़ूबसूरती समेट ली ,
एक दाग़ अपने तासीर पर इसने लगा लिया ।।
-) मन भीं शांत कब तलक रहता ,
ज़माने ने सितम इस क़दर ढाए ।।
हम कुछ न करने के मन पर भीं,
बहुत कुछ ख़त्म कर आएँ ।।
-) हमारे क़िरदार को यूं भीं बयां ना करना ,
हम ने एक अरसे से खुशियों से दोस्ती नहीं की ।।
अब जो हम मुस्कुराने लगें,
तो हम से ऐतबार ना करना ।।
-) वक़्त बुरा हो तो क्या कीजियें ,
शांत बने रहिएं बस और क्या कीजियें ।।
-) चांद चांदनी बिखेरने लगें,
तो मन भीं खिल खिलाने लगें ।।
शांत चित होनें लगें,
सब कुछ आनंद होनें लगें ।।
-) किसी से ये ना कहना कि ,
हम क्या कर गुजरें ।।
हालत साथ ना थें ,
फ़िर भीं हम इन हालातों से निकल गुजरें।।
-) आबाद होना भीं अब कहाँ ख़ैर अच्छी बात हैं,
आबाद रहने वालों को लोग अच्छी निग़ाह से कहा देखते हैं ।।
-) हम आख़िरी दहलीज पर थें ,
उसके पहले सारी हदें कूद आएं थें हम,
अब मंज़िल के हक़दार केवल हम थें।।
-) दूर शहर एक घर हैं मेरा ,
उस घर के अलावा कुछ नहीं हैं मेरा ।।
मैं आसमान का मुसाफ़िर हूं ,
इस धरा पे अब हक़ नहीं हैं मेरा ।।
-) मुझको ग़लत ना जान ,
मैं तेरे हक़ में दलीलें पेश करनें आया हूं
इंसाफ़ की बातें तेरे नाम करने आया हूं ।।
-) हमें ज़माने से ग़ैर ना कर ,
हम जिंदादिली की मिसाल थें कभीं ।।
हर एक के दिल के करीब थें कभी ,
अब सबसे ना कर इन जिस्मों की जान थें कभीं ।।
-) खुलें आसमान की सैर करने में ,
बात जान तक बन आती हैं।।
लोगों को बस आसमान दिखता है,
इसके पीछे का भयानक मंज़र नज़र नहीं आता हैं।।
-) तेरे जैसे कि तलाश नहीं करता अब मैं,
मुझे तू चाहिएं किसी भीं कीमत पर,
चाहे फ़िर मुझे क़ीमत मेरी जान देकर ही क्यों ना करनी पड़ जाएं ।।
-) मुझे नफ़रत के बाज़ार में अकेला ना छोड़ना ,
मैं इसके काबिल तो नहीं ,
मैं इस नफ़रत के बाजार में कभी आया नहीं ।।
-) भूल जाओगे हमें किसी रोज़ तुम ,
यूं सारी उम्र हमारे होने की बात पर,
दिल घबराने लग जाता हैं ।।
शायरी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह कम शब्दों में गहरी बात कह देती है। एक छोटी सी पंक्ति किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकती है, तो दूसरी पंक्ति किसी की आँखों में आँसू भर सकती है। यही कारण है कि शायरी केवल साहित्य नहीं, बल्कि भावनाओं का आईना मानी जाती है।
~~~आशुतोष दांगी~~~
-) बारिश में लिपटी वो पहली मुलाक़ात,
दिल में आज भी महफूज़ है वो बात।
-) पहली बारिश में भीगी ज़मीन की तरह,
मेरा दिल भी तुझसे महका था।
-) तुम मिले तो लगा बारिश थम गई,
जैसे इश्क़ ने मौसम को चुप करा दिया।
-) पहली बारिश, पहला साथ,
और दिल ने कर ली तुझसे बात।
-) तेरे साथ भीगना था,
बस यही ख्वाब था — जो पहली बारिश ने साकार किया।
-) उस भीगी राह पर तेरा इंतज़ार था,
और बारिश मेरी गवाही बनी थी।
-) तेरी मुस्कान में भी एक बारिश थी,
जो दिल तक उतर गई।
-) तुम जब पास आए तो बारिश की बूँदें भी ठहर गईं, मोहब्बत की इबादत में।
-) पहली बारिश में जब हाथ थामा तेरा,
लगा जैसे खुदा ने खुद भेजा हो तुझको मेरा।
-) बारिश की रिमझिम और तेरा नाम,
दिल ने गाया वही पुराना नग़्मा।
-) भीगते लम्हों में तुझसे बात हुई,
और बस वही मेरी ज़िन्दगी की शुरुआत हुई।
-) पहली बारिश में तुझसे मिलना,
जैसे अधूरी कहानी को मिल गई ज़ुबान।
-) बारिश के बहाने तुझसे मिलना,
इश्क़ की सबसे प्यारी चाल थी वो।
-) उस दिन आसमान भी खुश था,
जब पहली बार बारिश में हम मिले थे।
-) तेरे साथ पहली बारिश कुछ यूं बीती,
जैसे हर बूँद में इश्क़ की जीत थी।
-) बारिश की ठंडी हवा में तेरा नाम गूंजा,
दिल ने कहा — तू ही मेरा खुदा।
-) पहली बारिश और तेरा मुस्कुराना,
जैसे चाँदनी में भी इंद्रधनुष समाना।
-) जब तू पास था,
तब हर बूँद कविता बन गई।
-) भीगे मौसम में भीगी बातें,
और दिल की सब पुरानी यादें।
-) पहली बार देखा था तुझको बारिश में,
और दिल वहीँ का वहीँ रह गया।
-) उस बारिश की गूंज अब भी है दिल में,
जब तू पास था और हर बात थी मिल में।
-) पहली बारिश में तेरा साथ मिला,
और हर सूनी गली को घर बना लिया।
-) बारिश की उन बूँदों ने कहा,
तेरा इश्क़ हर मौसम से ख़ूबसूरत है।
-) भीगी हुई वो पहली मुलाक़ात,
आज भी हर सावन में ज़िंदा हो जाती है।
-) जब तुम पहली बार बारिश में मुस्कुराए,
बादल भी थम गए — शायद शर्मा गए।
“लफ़्ज़ों में जब एहसास उतर जाते हैं, तभी शेर दिलों तक पहुँच जाते हैं।”
शायरी इंसान को खुद से जोड़ती है। यह केवल पढ़ने की चीज़ नहीं, बल्कि महसूस करने की कला है। जब कोई व्यक्ति किसी शायरी में अपनी कहानी देखता है, तब वह शायरी उसके दिल का हिस्सा बन जाती है।
*मोहब्बत की खुशबू से महकती शायरियाँ*
~~~आराध्यापरी~~~















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