Romantic Shayari with Images :- प्रेम में सपने होते हैं, विश्वास होता है और साथ निभाने की चाह होती है। हमारी रोमांटिक शायरियाँ इन सभी भावनाओं को खूबसूरती से व्यक्त करती हैं ताकि हर प्रेमी अपने दिल की धड़कन को उनमें महसूस कर सके।
*दर्द और जुदाई की सच्ची आवाज़*
-) आसमान की सैर करने लगें हैं हम ,
अपने हौसलों की उड़ान भरनें लगें हैं हम।।
पिंजरे में क़ैद थें एक ज़माने से ,
अपनी आज़ादी की क़ीमत जान देकर चुकाने लगें हैं हम ।।
-) कुछ तो साथ मुकद्दर का भीं ना मिला ,
मंज़िल की राह इतनी भीं कठिन ना थीं ।।
हम मेहनत को आजमाते रह गएं,
कुछ को ख़ुदा की रहमत ने सबकुछ दें दिया ।।
-) हमें खुद से जुदा ना कर ,
हम तुझमें कहीं नज़र आतें हैं।।
तू हमको हम में खोजने की भूल ना कर,
हम तेरे दिल में रहते हैं।।
-) बात ऐसी क्यों करें ,
जो किसी के मन को भेद जाएं ।।
सब में रहते हैं तो सब जैसी बातें,
क्यों ना करनें लग जाएं।।
-) आसमान की ऊंचाइयों से क्या डरना ,
अब उड़ान भरनें की ठानी हैं,
तो क्यों ना पंखों पर ज़ोर दिया जाएं ।।
-) हम किसी के पहलू में कहाँ ही बैठें ,
जब भीं हमने कुछ बयां करना चाहा ,
ना जाने कितने दिलों की नब्ज़ रुक गईं ।।
-) ये भीं कैसे मुमकिन हो सकता हैं,
कुछ ना कहें और बात दिल को भेद दें ।।
शायद निगाहें बयां करना जानती होगी ,
कैसे बग़ैर कुछ कहें किसी के दिल को भेद दें ।।
-) ये किस हाल में हैं हम,
की जानते भीं नहीं ख़ुद को ।।
जान ने के लिएं वक़्त भीं ख़ूब था,
वक़्त चला गया लेकिन हम जान ना पाएं को ।।
-) हाल ए दिल ये भीं नहीं ,
ख़ुद को शांत करलें हम ।।
हमारे अंदर एक ज्वाला भड़क रहीं हैं,
उसको सरेआम करलें बस हम ।।
-) बुरे वक़्त का शुक्रिया करें हम ,
इसने हमें सच से रुबरु बस पलक झपकतें ही करा दिया ।।
हम उम्र गुज़ार देते सारी भीं ,
तो भीं इतना सा नहीं जान पाते ,
इसने पल भर में सारे करम सरेआम कर दिए ।।
-) हमें सरेआम बदनाम ना कर ,
हम तेरी हर बातों को दिल से मानते हैं।
हमें ये परवाह नहीं कि की तू गलत हैं,
इसके बाद हम किसी पर भरोसा करने के काबिल नहीं हैं ।।
-) जाने किन हालातों ने शिकार बना लिया हमें ,
हम जैसे हैं ऐसे तो कभी भीं ना थें ।।
पहले आक्रोश के साथी थें,
अब शांति के राही हैं।।
-) मुझे हालत से सामना करनें दें ,
मेरे हिस्से में अब शिकस्त के अलावा कुछ नहीं ।।
कुछ फ़िर भीं रह बचता ,
तो हौसलों का अब पता नहीं ।।
-) उसकी हिफ़ाज़त करना फ़र्ज़ हैं मेरा ,
मेरे बग़ैर वो किसी और से मेरे जैसा भीं रहता नहीं ।।
-) ख़ुद को तेरे हवाले कर रहें हैं,
सारी उम्र को तेरे नाम कर रहें हैं।।
हम में हम जैसा भीं कुछ नहीं,
बस जो कुछ हैं उसी को तेरा कर रहें हैं।।
~~~आशुतोष दांगी~~~
-) पहली बारिश में जब तुमसे नज़रें मिलीं,
भीग गया हर ख्वाब हकीकत में।
-) तुम मिले उस रोज़ जब बादल बरसे थे,
लगा खुदा ने दुआ कबूल की हो जैसे।
-) बारिश की बूँदों में छुपा था इश्क़ तेरा,
पहली मुलाक़ात में सब कुछ कह दिया।
-) भीगे लम्हों में तेरा साथ मिला,
उस पल को आज तक संभाल रखा है।
-) पहली बारिश और तेरा मुस्कुराना,
जैसे रब ने लिखा हो कोई अफसाना।
-) बादल गरजे थे, दिल धड़का था,
तुम सामने थे और वक़्त थम सा गया।
-) बारिश की बूँदों में वो सच्चाई थी,
जो तेरी आँखों में दिखाई थी।
-) तुम जब आए तो बरसात भी आई,
हर सूनी गली ने कहानी सुनाई।
-) पहली बारिश का पहला एहसास,
और तेरा वो भीगा सा अंदाज़।
-) भीगी ज़ुल्फ़ें, भीगा मौसम,
और तेरा नाम — बस यही था उस पल का पैग़ाम।
-) बारिश की बूँदें तुझसे मिलने का बहाना बनीं, दिल ने कहा — चल, उससे फिर मिल लें कहीं।
-) पहली बारिश, पहली नज़र,
पहली मोहब्बत — सब कुछ तुमसे शुरू हुआ।
-) तुम सामने थे और बारिश बरस रही थी,
जैसे जज़्बात लफ़्ज़ों में ढल रहे थे।
-) उस भीगे मौसम में जब तुम पास थे,
हर बूँद इश्क़ की तरह खास थी।
-) न जाने क्यों पहली बारिश में तेरा ख्याल आया,
शायद दिल ने तुझे ही अपना रैनबो बनाया।
-) जब पहली बूँद गिरी ज़मीन पर,
मेरा दिल भी गिर पड़ा तेरे क़दमों पर।
-) बारिश ने छुआ था जिस तरह से तुझे,
वैसे तो कभी मैं भी न छू सका।
-) पहली बारिश में जब तुम साथ थे,
लगा जैसे हर दर्द का इलाज हो गया।
-) तेरा साथ और बारिश की बूँदें,
क्या और चाहिए था उस वक़्त जीने के लिए।
-) भीगे मौसम की एक सिहरन थी तू,
पहली बारिश की सबसे हसीन धड़कन थी तू।
-) पहली बारिश की पहली सुबह,
और तेरी हँसी — दोनों ताज़ा थीं।
-) तुम भी भीगे, मैं भी भीगी,
और मोहब्बत भी उस दिन ज़िंदा हुई।
-) बारिश में तेरा इंतज़ार कुछ और ही था,
जैसे बूँदों में भी तेरा नाम लिखा हो।
-) बारिश की खुशबू में घुल गया तू,
पहली मुलाक़ात में दिल चुराया तू।
-) तुमसे मिलने की जो तमन्ना थी,
पहली बारिश ने उसे पूरा कर दिया।
~~~आराध्यापरी~~~
-) एक बात ये भी हैं कि हर बात में नुक़्स हैं,
जो अच्छा है उसमें जो बुरा हैं उसमें ,
जो हमारी बात हैं उसमें जो हमारी बात भी उसमें भी ,
भरोसे की बात में नुक़्स हैं,
भरोसा ना करें तो नुक़्स हैं।।
-) बातें बनाइए जनाब हमसे सब ना छिपाइए जनाब,
किसी और की बातें बताईए जनाब हमारी बातें ना छिपाइए जनाब ।।
हमें आख़िरी हद तक समझिए ,
और हमें सब समझाइए जनाब ।।
दिल लगाने को दिल्लगी बताइए ,
भरोसे को कायदे से आजमाइए ।।
-) हम बहुत दूर के राही थे ,
अब जाकर मंज़िल के करीब आए ।।
बहुत कुछ खो दिया था ,
अब कुछ तो हाथ आए ।।
अंधेरे से डरता हैं दिल ,
कोई रौशनी की किरण तो लाएं ।।
तमाम बंदिशे हैं पास ,
इन्हें की तो मिटाएं ।।
-) तू ख़ुदा की रहमत बनकर बरसती हैं,
मैं आसमान से कहर सा बरसता हूं ,
तू इनायत बनकर रहती हैं,
मैं तबाही का मंज़र बना रहता हूं ।।
तू सबनम की बूंद सी रहती हैं,
मैं तेज़ाब सा रहता हूं ।।
-) हम अंधेरे में चिराग़ रौशन कर ही लेंगे,
इतना कुछ किया हैं तो कुछ और भी कर ही लेंगे ।।
हम बंदिशों में रहकर आजाद ही हो लेंगे ,
तुम आज़ाद होकर भी कैद से लगोगे।।
-) हम बाद में ढूंढेंगे ख़ुद को एक तलाश के बाद ,
हर तलाश में तुझको तलाशेंगे एक मुलाक़ात के बाद ।।
हर किसी से रिश्ता तोड़ेंगे फ़िर,
उसके साथ के बाद ।।
अपनों की पहचान भी होगी ,
एक मुसीबत के बाद ।।
तलब भी ना होगी,
उम्मीदों के दामन टूटने के बाद ।।
-) इश्क़ ना कर ज़िद का जंजाल बुरा ,
जो नहीं ख़्वाबों में भी उसकी यादों का सफ़र बुरा ।।
छेड़ ना सरगम ऐसा कुछ ,
दिल का बस हाल बुरा ।।
-) राग ये भी बुरा हैं इश्क़ में आशिक़ का नाम डूबा हैं,
बदहाल हुआ हैं जाने वाले तेरा काम बुरा हैं।।
हमसे उम्मीदें वफ़ा का नाम ,
हमारा काम ही वफ़ाओं के लिए हैं।।
फ़रियाद ना कर ऐसी भी,
सबकुछ छोड़ने का वादा हैं ।।
-) यूं भी तो ना हो तुम ,
अजनबी से ना रहो तुम ।।
हम चाहतों के सनम हैं,
हमारी सनम तुम ।।
हम कहां किसी के हैं,
मेरी ज़िंदगी तुम ।।
-) किसी की आस बन से बेहतर ,
हमारी सल्तनत की शान हो जाओ तुम ।।
किसी के दिल को बहलाने से बेहतर ,
हमारी ज़िंदगी बन जाओ तुम ।।
-) दिल का सौदा फिर करेंगे चांदनी रातों को हसीन कर के ,
हम शबनम कि शब बनेंगे ,
फुहारों की बरसात कर के ।।
हम चांद कहेंगे तुझको ,
चकोर से बात कर के ।।
हम फ़ूल से खिलेंगे ,
कलियों में महक भर के ।।





























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