Latest Romantic Shayari:- समय मनुष्य का सबसे बड़ा शिक्षक है। यह बिना कुछ कहे बहुत कुछ सिखा देता है। समय अच्छे और बुरे दोनों दौर दिखाता है और यही अनुभव व्यक्ति को परिपक्व बनाते हैं।
«"समय बदलता रहता है,
और इंसान को भी बदलना सिखा जाता है।"»
«"समय ने हर घाव को भरना सिखा दिया,
हर बिछड़े चेहरे को भूलना सिखा दिया।"»
समय से जुड़ी शायरी हमें धैर्य रखना सिखाती है। यह बताती है कि न खुशी हमेशा रहती है और न ही दुःख। हर परिस्थिति बदलती है।
-) उसने ऐसे देखा कि एक पल में सौ सदी के मजे कर गई,
मेरा दिल आवारा सा खाली था उसमें वह घर कर गई ।।
-) मैं इश्क करके नींद से जागा,
तो एक हसीन सपना था ।।
मुसाफिरों के दिल में भी कहीं कोई ठहरता है ,
जो भी था बस वह पल भर का सफर था ।।
-) मुझे तो और यह बारिश का मौसम समझ नहीं आता है,
जानते दोनों हो मेरा हाल ।।
फिर भी यूं मूसलाधार बरसते हो ,
और बरसते ही मुझको ले डूबता हो ।।
-) इतने लोग क्यों अच्छे नहीं लगता,
किसी एक के आ जाने के बाद ।।
हर बात छुपानी पड़ती है,
फिर अपनों के साथ ।।
इस दिल में इतना क्यों ठहरते हो,
जब जाना ही है तो मैं किसी गैर के साथ ।।
-) निगाहों को झुका ले ए जालिम,
न जाने कितने तीर चला रही है ।।
वैसे तो मैं जान जान देता नहीं ,
लेकिन बेवजह ही है तेरे यार की जान ले जा रही है।।
-) उसके एक इशारे पर हमनें,
हर उस बात से किनारा किया ।।
जो हमें सबसे ज्यादा मंज़ूर थी ,
उसकी बातों को हमने वफ़ा का नाम दिया ,
जिसकी वो हकदार थी ।।
उसके कहें से बाहर भी जा नहीं सकते ,
उसने जो कहा वो सब पत्थर की लकीर थी ।।
-) हम ख़ुद के खिलाफ जा सकते हैं ,
तुझसे हम अलग नहीं जा सकते ।।
तेरी हर बात को एक किताब में लिख आएं हैं हम,
लिखी हुईं बातों से भाग नहीं सकते हम ।।
वादा तुझसे सारी उम्र का किया हैं,
जबतक पूरी नहीं हो जाती जहां छोड़ नहीं सकते हम ।।
सूरज डूबा सा मन उलझने लगता हैं।।
तू सिर्फ़ इश्क़ नहीं ,
ज़िंदगी हैं हमारी ।।
-) फिज़ा रंग सतरंगी होने लगी ,
तेरा नूर जबसे छाने लगा ।।
आसमान भी रंग बदलने लगा ,
हमसे जब नज़र आप मिलाने लगें ।।
-) सरेआम बर्बाद करने लगें,
अपने मुझको परेशान करने लगें ।।
कोई भी नहीं हासिल हमें ,
हमसे सब दूर जाने लगें ।।
-) अंजान सफ़र का रास्ता मिल गया,
कोई इसपर साथी तो नहीं ,
ख़ैर छोड़ो अब जो हैं नया हैं ।।
इस नएं दौर का कुछ तो मिल गया ,
अब अकेले इसे गुज़ार देना हैं,
अपने आप को इसी सफ़र में ढाल लेना हैं,
मंज़िलो का पता नहीं,
रास्तों का पैग़ाम मेरे सिर लिखा गया हैं।।
-) हम दिलों की सुनने वालों से ,
दिमाग़ की बात ना किया करो ।।
फ़ैसले हम दिल से लेते हैं,
सोच विचार की मर्यादा हमारी नहीं ।।
-) वो चाहत के समंदर में गोता लगाने वाला हैं,
मेरे दिल के अंदर रहने वाला हैं।।
ख़ूबसूरती उसकी सिर्फ़ ,
चाँद से चेहरे की ही नहीं,
वो शब्दों का इस्तेमाल भीं ,
बड़ी ख़ूबसूरती से करता हैं।।
-) हज़ार मिलें जिंदगी की दौड़ में,
हमें साथ तेरा भा गया ।।
इस साथ के अलावा मांगें भीं क्या ,
जो चाहिएं था वो सबकुछ हासिल हो गया ।।
-) ये राहु काल का दौर जाने कबतक रहता हैं,
कोई अपना क्या सदा के लिए रूठा रहता हैं ।।
कुछ दिन की मोहलत तो होती होगी ,
ये बेरुखी का सदमा उम्र भर रहता हैं ।।
जीवन की प्रत्येक घटना हमें कुछ न कुछ सिखाती है। असफलता धैर्य सिखाती है, सफलता विनम्रता सिखाती है और रिश्ते विश्वास का महत्व समझाते हैं।
शायरी इन जीवन मूल्यों को अत्यंत सरल भाषा में प्रस्तुत करती है।
«"जो बीत गया उससे सीख लो,
जो आने वाला है उसे बेहतर बना लो।"»
ऐसी शायरियाँ व्यक्ति को निरंतर आगे बढ़ने और स्वयं को बेहतर बनाने की प्रेरणा देती हैं।
~~~आशुतोष दांगी~~~
-) तेरी बातें जैसे सुकून की दवा,
दिल थम जाता है, जब तू कहे "मैं यहां हूं।"
-) तेरी बातें हवा सी चलती हैं,
हर लम्हा मेरी रूह को छू जाती हैं।
-) वो तेरी बातें जो रातों में याद आती हैं,
नींदों को भी शर्मिंदा कर जाती हैं।
-) तेरी बातों में कुछ ऐसा असर है,
दर्द भी हँसता है, ग़म भी बेअसर है।
-) तेरी बातें हैं जैसे कोई साज,
हर शब्द बने दिल का राज।
-) तेरी बातों की गर्मी से ही,
ठंडी रातों में भी राहत मिलती है।
-) तेरी बातों में वो बात है,
जो हर खामोशी को आवाज़ दे जाती है।
-) तेरी बातों में जो मिठास है,
वो शहद से भी ज्यादा खास है।
-) तेरी बातें हैं जैसे कोई गीत,
हर बार सुनूं तो लगे नई प्रीत।
-) तेरी बातों का असर यूँ चढ़ा,
जैसे बरसों का प्यासा कोई पानी में बहा।
-) तेरी बातें जादू सी लगती हैं,
हर बार नई कहानी सी लगती हैं।
-) तेरी बातों में जो सुकून है,
वो किसी दुआ से कम नहीं।
-) तेरी बातें जो दिल में बस जाएं,
वो सदियों तक साथ निभाएं।
-) तेरी बातों ने ये हाल किया,
खुद से ज़्यादा तुझसे प्यार किया।
-) तेरी बातें जब आती हैं ज़हन में,
हर दर्द सो जाता है चुपचाप सहन में।
-) तेरी बातों का कोई मोल नहीं,
इनसे प्यारा कोई तोहफा नहीं।
-) तेरी बातें मेरे दिन का उजाला हैं,
बिन कहे ही सब कुछ कह डाला हैं।
-) तेरी बातों ने जो रंग दिखाया,
फीके लम्हों को भी गुलाल बनाया।
-) तेरी बातें चलती हैं सांसों में,
जैसे धड़कनें गाती हों तेरे नाम में।
-) तेरी बातें आज भी याद आती हैं,
सूने पलों में मुस्कान दे जाती हैं।
-) तेरी बातें काश ठहर जातीं,
इन लम्हों में हमेशा उतर जातीं।
-) तेरी बातें हैं ताजगी की वजह,
हर थकी शाम में बन जाएं सबब।
-) तेरी बातों में जो अपनापन है,
उससे प्यारा कोई बंधन नहीं।
-) तेरी बातें बन जाएं मेरी किताब,
हर पन्ने में तेरा ही हो हिसाब।
-) तेरी बातों से ही रौशन हूं मैं,
तू ही वजह है, तू ही साया है।
उम्मीद मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत है। यदि आशा समाप्त हो जाए, तो जीवन निरर्थक लगने लगता है। प्रेरणादायक शायरी कठिन परिस्थितियों में व्यक्ति के भीतर नई ऊर्जा का संचार करती है।
«"अंधेरों के बाद ही उजाला आता है,
हर संघर्ष सफलता लाता है।"»
«"अंधेरों से मत घबराना ऐ मुसाफ़िर,
सुबह की किरणें तेरे इंतज़ार में हैं।"»
«"गिरकर संभलना ही जीत की पहचान है,
हार मान लेना असली हार है।"»
ये पंक्तियाँ केवल प्रेरणा नहीं देतीं, बल्कि जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित करती हैं।
~~~आराध्यापरी~~~
-) ऐ तुम जो निगाह से सबको पिलाते हो ,
जरा देखो समन्दर जितना प्यासा मैं भी हुं ।।
-) तुझे देख ना जाने कितने दिल शायर हो जाते हैं ,
मैं तो महफिलों में शायरी किया करता हूँ ,
मैं तो महफिलों में शायरी किया करता हूँ ,
लेकिन तेरे होने से ना जाने ये कमरे कब महफिल हो जाते हैं ।।
-) ऐ जिंदगी कुछ तो रेहम कर हम नादान बच्चों पर ,
अभी पंख आए भी नहीं और तूने सफर समंदर लांघने का शुरू कर दिया ।।
-) गिरकर उठे हैं तो मंजिल तक का सफर जरूर तय करेंगे ,
लोगो से सुना है, अक्सर गिरने वालो का सफर तेज होता हैं ।।
-) अस्पतालों में ना जाने कितने हम टूट जाते हैं
फिर भी एक मुस्कान हमें संभाले रखती हैं । ।
बे खुद बेहाल हो जाती हैं ,
मगर हमें हाल में बनाए रखती हैं ।।
माना वैद्य जान डाल देते हैं ,
मगर नर्स सारा सफर तय करती हैं ।।
कोई अपना भी याद ना करें हमको ,
उसे कहीं कुछ ज्यादा वे करती हैं ।।
माना मृत हैं हम ,
फिर भी आस बनाए रखती हैं ।।
चाहे लाख रंजिशे हो सीने में ,
फिर भी चेहरे पे मुस्कान बनाऐ रखती हैं ।।
यूं तो गैर हैं जमाना ,
फिर भी हमें अपना बनाए रखती हैं ।।
यूं तो लोग कहते हैं ,
अब अस्पतालों का सफर तय नहीं किया जाता,
सोचो जरा उनका जो इसे अपना ही घर समझती हैं ।।
-) देख ये कलम भी क्या जादू कर रही हैं हमपे ,
तेरा नाम भी लिख रहे है तो गजल बन रही हैं ।।
-) ना जाने कैसे बिछड गए हम दोनों ,
अब मिलने की मन्नतें मांग रहे हैं वो ।।
जो कभी फकीरों को दुत्कारते थे ,
आज उनसे ही दुआओ मे हमें मांग रहे हैं वो ।।
-) यूँ ही बगैर बारिशों के फसले नहीं होती ,
आँधियों के साये में कोई अच्छी बात नहीं होती ।।
कितना कुछ कुर्बान करना पड़ता हैं ,
यूँ ही सफलताऐं हर किसी कि गुलाम नहीं होती ।।
-) जो ये सभी बगैर पंखो के उड़ रहे हैं,
इन सभी से कहो ज़रा अपनी कस्ती को संभाल ले ,
क्यूँकि समन्दर में तूफान आशुतोष के नाम का हैं ।।
-) कुछ तो करम कर इन निगाहों से ,
हम भी दर्द ए दिल अब लेना चाहते हैं ।।
कब तक यूँ ही गुजरेगी उम्र देखते - देखते ,
हम तेरे साथ अब दो पल रहना चाहते हैं ।।
-) यूँ ही बगैर बारिशों के फसले नहीं होती ,
आँधियों के साये में कोई अच्छी बात नहीं होती ।।
कितना कुछ कुर्बान करना पड़ता हैं ,
यूँ ही सफलताऐं हर किसी की गुलाम नहीं होती ।।
-) उन्हें चाहने कि बस दो वजह है,
आशुतोष एक तो उनका दीदार परियों सा ।।
दूँजी उनकी समुंदर सी गहरी आँखे ,
जो भी देखें बस देखता रह जाएं ।।
-) देख तो ये कैसा जादू हो रहा हैं ,
जो कुछ भी लिख रहे हैं ।।
तेरा नाम लिखा रहा हैं,
शायद इश्क़ हैं तुझसे,
यूँ ही वेवजह तेरा नाम थोड़ी लिखा रहा हैं ।।
-) यह बारिश भी किसी कि याद में कहर बन कर बरश रहीं ,
एक हम ही हैं ,
जो तुझे याद करने के शिवा कुछ नहीं कर सकते ।।
-) ए बारिश जो तू मुझ पर कहर बनकर बरसती है ,
जैसे मैंने तेरा दिल दुखाया हैं ।।
कुछ तो रहम किया कर मेरा घर नदी किनारे हैं ।।
~~~आशुतोष दांगी~~~
-) चेहरे पर मासूमियत, दिल में चालाकी रखते हैं,
कुछ लोग धोखे को भी, मोहब्बत की निशानी कहते हैं।
-) जिस पर सबसे ज़्यादा भरोसा किया,
अफ़सोस, धोखा उसी ने दिया।
-) तूने निभाया खेल दिलों का,
हमने समझा इश्क़ का सिलसिला।
-) तेरी बातों में मिठास थी,
पर दिल में बस कपट की प्यास थी।
-) धोखे की एक अदा भी क्या खूब होती है,
खिलखिलाते चेहरे के पीछे छुपी साज़िश होती है।
-) वो अपने मतलब के लिए सब कुछ करता गया,
मैं हर बार उसे अपना समझता गया।
-) जिसे वफ़ा की मिसाल समझा,
अफसोस, वो धोखे की चाल निकला।
-) झूठ का सहारा लेकर जो दिल तोड़ते हैं,
वो खुद ही एक दिन तनहाई से डरते हैं।
-) वक़्त ने बताया, कौन अपना था कौन पराया,
धोखा ही था जिसने सच का रास्ता दिखाया।
-) हम तो साफ़ दिल लेकर चले थे रिश्तों में,
पर कुछ लोग नकाब में मिले थे रास्तों में।
-) धोखे की कोई सूरत नहीं होती,
ये तो बस इंसान के किरदार में होती है।
-) कुछ लोग मुस्कान में छुपा लेते हैं ज़हर,
और फिर कहते हैं, "हम तो दोस्त थे बस अगर।"
-) तूने किया जब दिल से खेल,
तब समझ आया, दर्द भी होता है बेहद ग़ैर।
-) तूने जिस तरह मेरा भरोसा तोड़ा,
वो भी एक हुनर था, बेमिसाल छोड़ा।
-) चेहरे पर वफ़ा और दिल में दगा,
तेरी सच्चाई तो निकली सज़ा।
-) सिखाया तूने, अब किसी पर एतबार न होगा,
धोखा ही अब हर रिश्ते का आधार होगा।
-) हर मुस्कराता चेहरा वफ़ा का नहीं होता,
कुछ चेहरों के पीछे दर्द छुपा होता।
-) तूने दिया धोखा, मैंने सब्र को चुना,
तेरी हर मक्कारी को खामोशी से सुना।
-) कभी हम भी मोहब्बत किया करते थे,
अब तो बस धोखेबाज़ी से डरते हैं।
-) तूने जितना दिया धोखा,
मैंने उतना ही खुद को मजबूत किया।
-) धोखे की बारिश में भीग कर जाना,
सच्चे रिश्ते कितने अनमोल थे ये अब जाना।
-) तूने जो फरेब किया, वो तजुर्बा बन गया,
अब कोई धोखा दे, तो असर नहीं करता।
-) दिल से खेलना आसान था तेरे लिए,
पर हमें खुद को समेटने में साल लग गए।
-) तेरा हर झूठ आज भी याद आता है,
पर शुक्र है, अब मैं खुद को पहचान पाता हूँ।
-) धोखेबाज़ी का हुनर तूने बखूबी निभाया,
मैंने हर बार तुझे अपना समझ कर गवांया।
~~~आराध्यापरी~~~






























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