Painful Sad Shayari in Hindi:- "हिंदी शायरी लोगों के दिलों को सीधे छूती है। जब कोई व्यक्ति वही भाव पढ़ता है जो वह स्वयं महसूस कर रहा होता है, तो उसे अपनापन और सुकून मिलता है। यही कारण है कि शायरी सदियों से लोकप्रिय बनी हुई है।
निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि हिंदी शायरी केवल साहित्य की एक विधा नहीं, बल्कि इंसान की भावनाओं की सबसे सुंदर अभिव्यक्ति है। यह प्रेम को शब्द देती है, दर्द को सहारा देती है, दोस्ती को मजबूती देती है और संघर्षों में प्रेरणा प्रदान करती है।
“शायरी पढ़ी नहीं जाती, महसूस की जाती है; और जो दिल से महसूस हो जाए, वही हमेशा याद रह जाती है।”
यही हिंदी शायरी की असली खूबसूरती है — यह दिल से निकलती है, दिल तक पहुँचती है और हमेशा के लिए यादों में बस जाती है।
-) पैसा जब पास होता है,
हर चेहरा खास होता है।
-) मतलब की दुनिया है साहब,
यहाँ भावनाएं भी बिक जाती हैं।
-) पैसे ने इंसान को खुदगर्ज़ बना दिया,
सच के रिश्ते भी झूठा बना दिया।
-) जेब में खनक हो तो सब सलाम करते हैं,
वरना हाल तक ना पूछने आते हैं।
-) पैसों से नहीं मिलती वफ़ा,
पर पैसों से ही बनती दवा।
-) पैसा है तो इज़्ज़त है,
वरना इंसान बस हसरत है।
-) दिल की बातें कौन समझे,
यहाँ तो जेब की हालत से नाते बनते।
-) दौलत ने जहां सजाया,
वहीं अपनों ने मुंह दिखाया।
-) पैसा जो ना कराए,
वो काम बस खुदा कराए।
-) अमीरी में सब साथ निभाते हैं,
गरीबी में रिश्ते हाथ छुड़ाते हैं।
-) तिजोरी भरी हो तो सब नमस्ते करते हैं,
वरना नजरें तक मिलाने से डरते हैं।
-) पैसा नहीं तो साया भी दूर रहता है,
और पैसा हो तो अजनबी भी पास रहता है।
-) चलने लगे जब सिक्के तेरे नाम के,
तब समझ कि रिश्ते भी हो गए काम के।
-) दौलत से नहीं, दिल से निभाओ रिश्ते,
वरना हर रिश्ता बन जाएगा सौदे।
-) वक्त बुरा हो तो आईना भी मुँह मोड़ता है,
और पैसा हो तो दुश्मन भी जोड़े जोड़ता है।
-) पैसा हो तो हर बात सही लगती है,
वरना सच्चाई भी गुनाह लगती है।
-) पैसा मिले तो दर्द भी सस्ता हो जाता है,
और ना मिले तो हर ज़ख्म बिकता जाता है।
-) अपने वही जो नोट पहचानते हैं,
वरना दिल के रिश्ते कौन मानते हैं।
-) जब तक पैसा है, तब तक साथ है,
वरना हर चेहरा बेमोल हाथ है।
-) दुनिया उसी की है जो अमीर है,
गरीब की तो बस तक़दीर अधीर है।
-) पैसा नहीं तो कोई हाल ना पूछे,
और हो तो हर कोई प्यार से झूके।
-) पैसा आए तो दुनिया झुके,
वरना तू कितना भी रो, कोई ना सुने।
-) गरीब की आवाज़ में दम नहीं होता,
और अमीर की खामोशी भी खबर बनती है।
-) दुनिया तिजोरी से चलती है,
भावनाएं सिर्फ़ किताबों में पलती हैं।
-) पैसे की पूजा हर युग में रही,
इंसानियत हमेशा पीछे रही।
-) पैसा है तो तू राजा है,
वरना भीड़ में एक साया है।
-) जेब भारी हो तो इज्ज़त भी मिलती है,
वरना सच्चाई भी भीड़ में घुटती है।
-) पैसा क्या चीज़ है, बस एक नकाब,
जिससे छुप जाता हर गुनाह।
-) जहाँ पैसा है वहाँ भीड़ है,
जहाँ दिल है वहाँ वीरानी है।
-) पैसा हो तो बुराई भी शोभा देती है,
वरना अच्छाई भी रोते हुए सो जाती है।
-) पैसा हो तो इश्क़ भी बिकता है,
वरना मोहब्बत भी सिसकता है।
-) चुप रहो अगर गरीब हो,
बोलो अगर जेब में सोना हो।
-) पैसे की बातों में रस होता है,
सच्चे शब्दों में बस कसक होता है।
-) अमीरी में हर गलती माफ़ होती है,
गरीबी में हर बात साफ़ होती है।
-) पैसे से नहीं खरीदा जाता प्यार,
पर पैसे से मिलती है झूठी बहार।
-) पैसा आए तो लोग बदल जाते हैं,
और चले जाए तो नज़रें चुराते हैं।
-) पैसा रिश्तों की डोर बन गया,
जो जोड़े वो अपनों को भी तोड़ गया।
-) पैसों से सबकुछ नहीं खरीदा जा सकता,
पर ज़माने में सबकुछ बिकता है।
-) पैसा है तो हर बात मानी जाएगी,
वरना तेरी आवाज़ भी दबा दी जाएगी।
-) रिश्ते अब दिल से नहीं बनते,
बस नोटों से गिनते और तौलते हैं।
~~~आराध्यापरी~~~
शायरी इंसान को खुद से जोड़ती है। यह केवल पढ़ने की चीज़ नहीं, बल्कि महसूस करने की कला है। जब कोई व्यक्ति किसी शायरी में अपनी कहानी देखता है, तब वह शायरी उसके दिल का हिस्सा बन जाती है।
*मोहब्बत की खुशबू से महकती शायरियाँ*
) तुझसे बिछड़ के यूं लगे जैसे सावन कि हरियाली से
पतझड़ का मौसम हो ।
बहारों की भीड़ में कोई तन्हा राही हो ,
जो आँखें बरसती हैं टिम टिम मानो समंदर कि गहराई हो ।।
) क्यूं ना जाने क्यों बरसती है निगाहें,
सबको पास चाहती हैं ये निगाहों ।।
किसी एक को हमेशा तलाशती हैं ये निगाहें,
जो ना दिखे वो तो रास्ता निहारती है ये निगाहें।।
सबकुछ रंगीन कर जाती हैं ये निगाहें,
हमको क्या क्या सपने दिखा देती है ये निगाहें।।
) तुम जो हुक्म करो तो ,
सरेआम सिर को झुका दें।।
हो इज़ाजत तो ,
तेरे हक़ में फ़ैसले तमाम करदें।।
) किसे क्या सुनाएं जो हमपर गुज़री,
हादसा ऐसा था कि हम देख भी ना पाएं ।।
ख़ंजर भी किसी अपने के हाथ में था ,
जिसका हम कभी सोच भी ना पाएं।।
आख़िर उसने उतार ही दिया सीने में ,
मैंने एक अर्जी भी डाल दी उसके आगे ,
मेरे सीने में दिल आपके नाम से धड़कता हैं,
इसे भी अब शांत करदो ,
मरते हुएं पर ये अहसान कर दो ,
वो ये भी ना कर पाएं ,
जो किया उसको फिर हम सह भी ना पाएं ।।
) सुना हैं उसको हाथों में मेहंदी की ख़ुशबू महक रहीं हैं,
हमारी दुल्हन किसी और के लिए सज़ रहीं हैं।।
हम उनके हर अंदाज़ पे जान कुर्बान करते थे ,
कहना उनसे बड़ी मोहब्बत करते थे ।।
अब जो किसी के हो जाओगे,
तो हम हम ना रहेंगे ,
दिल तो धड़केगा बस तेरे आशिक़ ना रहेंगे ।।
तेरी सूरत देखके बस ख़ुद में जलेंगे ,
सब कुछ बर्बाद हम करेंगे ।।
) उसे यूं भी ना दोष दो ,
उसकी मर्जी बस मेरे आगे ही चलती थी ।।
उसका वो भोलापन नादानियों से भरा बचपन ,
सारी हरकतें मेरे आगे ही संवरती थी ।।
) लाख चाहे इश्क़ को हम ,
वक्त तमाशा दिखा ही देता हैं ।।
जो ना हो लकीरों में कहीं ,
उन्हें ये किस्मत का दोषी ठहरा देता हैं।।
) सुनो ये सजना संवरना तुम पे चांद सा लगता हैं,
नील गगन में चन्दा सा लगता है ।।
माथे की बिंदिया यूं चमचमाती जैसे बदलो में सूर्य छिपा हो ,
काली जुल्फों का बनना यूं लगता जैसे बदलो का मन बिन मौसम बरसाने को तरसता हैं ।।
) तू एक इशारा करदे ,
तेरा दिल हमारा करदे ।
में राह भटक आया हूं कही ,
मुझे तेरे इश्क़ का राही करदे ।।
) तुम भी ख़ूब कमाल करते हो ,
गुनहगार होकर ग़ुनाह से बचते हो ।।
मंज़िल सामने हैं,
उसके रस्ते से भटकते हो ,
किसी और सफ़र में रहते हो ।।
) तूने रंग सजाया गालों कि लाली पे ,
चांद की चांदनी लगे ,
प्रभात की सुनहरी किरण सी सजे ,
सब रंगत तेरे गालों कि लाली की ।।
) मैं बरबाद हूं इसमें हैरान ना हो ,
कुछ तो कर्म मैने भी सफ़र तलाशने में गुजारा हैं।।
राही था सही राह का ,
बस इस मन को भरमाया हैं।।
) तुझे ढूंढ़ता एक सिपाही मिल गया ,
तेरे महल से वह ना जाने कैसे गुज़र गया ।।
) बड़े कमाल लिखते हो सब बेहिसाब लिखते हो ,
ग़ज़ल को अल्फ़ाज़ और मोहब्बत को जाम लिखते हो ।।
) तू हासिल है इस बात का गुरुर भी क्यूं ना करें ,
तुझे पाने में ना जाने कितनो ने कितनी तपस्याएं कि हैं।।
~~~अशुतोष दांगी~~~





























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