Love Shayari for Boyfriend in Hindi :-
*“हार कर बैठ जाना मंज़िल नहीं होती, हर गिरावट के बाद नई उड़ान होती है।”*
जीवन में संघर्ष और चुनौतियाँ हर व्यक्ति के सामने आती हैं।
ऐसे समय में प्रेरणादायक शायरी इंसान को आगे बढ़ने का हौसला देती है।
-) तेरे बिना अधूरी थी ज़िन्दगी,
तू मिला तो हर बात खास हो गई।
-) तेरे ख्यालों में ही बसी है ये दुनिया,
तेरे बिना अधूरी लगे हर सज़ा।
-) तेरी मुस्कान ही मेरी पूजा है,
तेरे बिना तो ये रूह सूनी सूनी है।
-) दिल ने तुझसे मोहब्बत की है,
अब ये तन्हाई भी राहत सी है।
-) तू मिले या ना मिले,
तेरी यादें ही काफ़ी हैं।
-) तेरे बिना हर मंजर वीरान लगे,
तेरे साथ हर मौसम मेहरबान लगे।
-) इश्क़ किया तो तुझसे किया,
अब कोई और ख़्वाब अधूरा सा लगे।
-) तेरा नाम लबों पे आया नहीं,
पर दिल ने हर बार तुझको ही पुकारा।
-) तेरे साथ जीना है ये ठाना है,
तेरे बिना तो जीना वीराना है।
-) तेरे ख्यालों में ही दिन ढलता है,
तेरे बिना हर लम्हा चलता है।
-) तू पास नहीं फिर भी साथ है,
तेरी हर बात में जादू की बात है।
-) तेरे प्यार ने हमें कुछ ऐसा बदल दिया,
खुद से ज़्यादा तुझसे प्यार कर लिया।
-) हर शाम तुझसे मिलने की आस रखता हूँ,
तेरे इंतज़ार में हर दिन कटता हूँ।
-) तेरे बिना ये चाँद भी अधूरा है,
तेरी यादों में ही तो सवेरा है।
-) ना तेरी बातों से जी भरता है,
ना तेरे बिना दिल बहलता है।
-) तेरे बिना क्या रखा है जहां में,
तेरा नाम है दिल की दवा में।
-) तेरा होना ही सबसे बड़ी खुशी है,
तेरी यादें ही तो मेरी बंदगी है।
-) तेरे प्यार में जो डूबा हूँ,
अब तन्हाई से भी रूठा हूँ।
-) तेरी तस्वीर ने सब बदल दिया,
हर दर्द को भी गुलाब कर दिया।
-) तेरे बिना हर खुशी अधूरी है,
तेरा नाम ही मेरी ज़रूरी है।
-) तेरी बातों में वो बात है,
जो दिल को चैन दे जाती है।
-) तेरे बिना सब कुछ अधूरा लगे,
तू हो तो सब कुछ पूरा लगे।
-) तेरे ख्यालों में जो सुकून है,
वो कहीं और न मिला हमें जुनून है।
-) तेरी हर बात अब किताब हो गई,
तेरे बिना जिंदगी बेहिसाब हो गई।
-) तेरा साथ मिले तो सफर आसान है,
वरना ये ज़िन्दगी वीरान है।
-) तेरे बिना मेरा हर ख्वाब अधूरा है,
तेरी यादों में ही तो सवेरा है।
-) तेरा नाम लूं तो दिल सुकून पाता है,
तेरे बिना हर लम्हा तन्हा जाता है।
-) तू है तो हर मौसम हसीं है,
तेरे बिना ये ज़िन्दगी फसीं है।
-) तेरी मुस्कान में ही मेरी खुशी है,
तेरे साथ हर चीज़ जन्नत जैसी है।
-) तेरी आंखों से जो बात होती है,
वो लफ्ज़ों में कहां समा पाती है।
-) तेरे ख्यालों में हर सुबह ढलती है,
तेरी यादें हर शाम संभालती हैं।
-) तेरे बिना हर साज अधूरा है,
तेरे साथ हर राज पूरा है।
-) तू ही तू है मेरी तन्हाई में,
तेरी ही यादें हैं हर परछाई में।
-) तेरे बिना जीना अब आता नहीं,
तेरे बिना दिल को कुछ भाता नहीं।
-) तेरी बातों में जादू है कुछ ऐसा,
हर दर्द मिटा दे बस एक ही लफ़्ज़ में।
-) तेरी तस्वीर को दिल से लगाया है,
तुझे खुदा से भी ज्यादा चाहा है।
-) तेरे बिना हर गीत अधूरा है,
तेरे साथ हर धुन मुकम्मल है।
-) तेरी मुस्कान मेरा नशा बन गई,
तेरे प्यार में हर खुशी बस गई।
-) तेरे ख्वाबों में ही अब जीते हैं,
तेरे बिना अब हम अधूरे से रहते हैं।
-) तेरा नाम ही मेरा सुकून है,
तेरे बिना तो जीना भी जुनून है।
~~~आराध्यापरी~~~
-) कुछ तो ख़्याल कर मेरे इंतज़ार करने के फ़ैसले का ,
तूने कहाँ अभी नहीं हम मिलेंगे कभीं ।।
हमनें अपने जज़्बातों को काबू कर लिया इसी आस में ,
की मिलेंगे एक दिन ,
लेकिन सब्र का बांध भीं कब तक रहेगा,
कोशिश करना तुम जल्द आने की ।।
-) हमसे ना पूछ की हमनें क्या किया हैं इश्क़ में ,
बस इंतज़ार किया हैं उसका ।।
एक वादा कर लिया था उसने ,
उसी वादें पर प्यार किया हैं ।।
-) मैं अपनी हस्ती को कब तक संभालता,
सब्र को कब तक बांधता ।।
जिसे ख़बर होनी थीं मेरे पल पल की ,
उसने ख़बर ना लो एक पल की ।।
-) हम अपने ही शहर में अजनबी हो गए,
इस खेल में माहिर थें कभीं ,
अब इस खेल के सबसे ख़राब खिलाड़ी हो गएं ।।
-) हमसे हाल ना पूछ कैसे बदहाल हुएं ,
तेरे ही अच्छें करम थें हम जो इस हाल हुएं हैं ।।
हमारी अना इतनी भीं थीं ,
के कोई कुछ कर नहीं सकता ,
पड़े तेरे प्यार में तो जाना ज़माना सब कुछ कर सकता हैं।।
-) कभीं किसी से दिल ना लगाना ,
अगर खुशहाल रहना हो ।।
हमारे चेहरे की मुस्कान छीन लेता हैं,
कोई अंजान शख़्स,
जिस से हमारा कोई वास्ता ना हो ।।
-) मुझे मेरे हाल रहने दें ,
माना कि बर्बाद हूं मैं ।।
मग़र इसी बर्बादी के आलम का मज़ा लेने दें,
कुछ क़रीब से देखा नहीं मैंने अपने तबाही के मंजर को पहले कभीं,
अब ये मौका आया हैं,
तो इस मौके का मज़ा लेने दें ।।
-) माना कि मंज़िल एक थीं कभीं हमारी ,
सफ़र ने साथ छुड़वा ही दिया ।।
कभीं कसमें खाईं थीं एक साथ रहने की ,
खेल सफ़र का चला और उसने हमें अलग कर हीं दिया ।।
-) दाग़ दामन पर लगने लगे,
तो ऐसी मुलाकातों से बचों आशुतोष ।।
वो स्वर्ण ही किस काम का ,
जिस से नुकसान हो अपने शरीर का ।।
-) सुना हैं उसके आ जाने से मुर्दों में जान आ जाती हैं,
वो जो लहरा दें आंचल तो, सुबह शाम हो जाती हैं ।।
सुर्ख आँखें कर ले काजल सनी जब वो ,
तो होश वालों भीं मदहोश हो जाते हैं ।।
-) माना कि हम अड़ियल हैं,
किस किस की बातों का मिलान करें ।।
सब अपने पक्ष की बातें करतें हैं,
सच से रुबरु जिनको होना चाहिएं था ,
वो डगमग सत्य की बातें करतें हैं,
इन सब से अच्छा तो ये हैं हम अड़ियल
हैं।।
-) मुझे मानने वालें भीं कम नहीं,
जाने कितनों के दिलों की आस हूं मैं ।।
मैं मदहोशी के आलम में क्या ठहराव करनें लगा ,
जाने कितनों के सपने चकनाचूर हो गएं ।।
-) माना कि अब हम पहले जैसे नही,
ज़माने की बातें भीं तो अब पहले जैसी नहीं ।।
मैं पहले ख़ुद से पहले औरों का सोचता था,
ज़माने को गौर से देखा तो सब मतलबी मालूम हुएं ,
तो हमनें भीं नएं ढंग में ख़ुद को कर लिया ।।
-) बातें कुछ ऐसी भीं हुईं जिनका ना होना ज़रूरी था ,
हम सादगी को पसंद करने वालें,
फ़रेब वालों से कब तलक बचतें ।।
उनके संपर्क में आएं तो ज़माने भर की बातें,
हमारे सिर आए गईं ।।
-) छोड़ो ज़माने की बातें इन बातों का मतलब हीं क्या ,
इंसान ही नहीं रहा अब उसकी गलतियों का क्या ।।
-) वो छोड़ गया हमें एक पल ,
उसे हमारे साथ की जरूरत ही नहीं पड़ी ।।
जो हर एक पग़ मेरे साथ चलता था ,
मुश्किल राहों पर अकेले दौड़ गया ।।
-) वक़्त ने संभलने का मौका भीं नहीं दिया ,
और जाने कितना कुछ हो गया हमारे साथ,
हम संभालते ख़ुद को इस से पहले सब ख़ाक हो गया ।।
-) उम्मीद का दामन नहीं छोड़ेंगे,
मुश्किलों में तेरा साथ नहीं छोड़ेंगे ।।
चाहें जान की बाज़ी लगानी पड़ जाएं ,
हम अपनी जान लगा देंगे ,
तुझे दम न तोड़ने देंगें ।।
-) माना कि सब आसान सा हैं,
मग़र आसान कुछ भीं नहीं ।।
जो राहें आसान नज़र आईं हैं,
उनमें अक्सर कठिनाइयां ज्यादा रहीं ।।
-) वो रूठता इस क़दर हैं,
वो मुझे भूलता इस क़दर हैं ।।
मैं लाख कोशिशें कर भीं लूं ,
उसे मनाने की वो मानता कहां हैं ।।
~~~आशुतोष दांगी ~~~















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